शादी समारोह में देर रात तेज़ आवाज़ में डीजे बजाना पड़ा महंगा, संवेदक को नोटिस

बुलेटिन इंडिया, संवाददाता।

बोकारो। यदि आपके घर में कोई उत्सव समारोह है तो थोड़ा सतर्क रहें और सरकार के गाइडलाइंस को फोलो करें, नहीं तो चक्कर में पड़ सकतें हैं। ऐसा हीं कुछ हुआ है बोकारो क्षेत्र में संचालित चास नगर निगम के द्वारा निर्मित अमृत पार्क फेज 5 के संवेदक पर।

बोकारो के चास नगर निगम द्वारा निर्मित अमृत पार्क फेज-5 में आयोजित एक शादी-सह-रिसेप्शन समारोह के दौरान ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करना आयोजकों को भारी पड़ गया। जिला प्रशासन ने संवेदक अमरेन्द्र कुमार सिंह को नोटिस जारी करते हुए कारण बताने का निर्देश दिया है।

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देर रात तक तेज़ आवाज़ में बजा डीजे

01 मार्च 2025 की रात, बोकारो समाहरणालय के समीप स्थित अमृत पार्क में आयोजित विवाह समारोह में रात्रि 2:00 बजे तक तीव्र आवाज़ में डीजे बजाया गया यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन था।

उल्लेखनीय है कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटिशन (सि.) संख्या-72/1998, फोरम फॉर प्रिवेंशन ऑफ एनवायरनमेंट एंड साउंड पॉल्यूशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित आदेश के अनुसार रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध है

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उपायुक्त ने जारी किया नोटिस

घटना की जानकारी मिलने के बाद बोकारो उपायुक्त कार्यालय ने इस संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए संवेदक अमरेन्द्र कुमार सिंह को नोटिस जारी किया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अनुसार, ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ध्वनि 60 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद, अमृत पार्क में तेज़ आवाज़ में डीजे बजाना आदेश की अवमानना और आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के समान है।

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07 मार्च को उपायुक्त न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश

नोटिस में संवेदक अमरेन्द्र कुमार सिंह को निर्देश दिया गया है कि 07 मार्च 2025 को संध्या 5:30 बजे समाहरणालय स्थित उपायुक्त न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उनके विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 के नियम 4(2), 7(1), 7(2), B(1) एवं 8(2) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संवेदक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध “Maintenance of Air Quality Standard in respect of Noise Pollution” Act के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का सख्त रुख दर्शाता है कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर सरकार और न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है। आम जनता को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी समारोह में ध्वनि सीमा का पालन करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है।

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